क्यों विष्णु जी को सभी देवताओं का देवता कहा जाता है?
हिन्दू धर्म में भगवान विष्णु को विशेष महत्व प्राप्त है। उन्हें पालनहार और रक्षक माना जाता है, जो सृष्टि के संतुलन को बनाए रखते हैं। त्रिदेव – ब्रह्मा (सृष्टि के रचयिता), विष्णु (पालनहार) और शिव (संहारकर्ता) में विष्णु जी का कार्य सबसे महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि वे संसार को जीवित और संतुलित रखने वाले हैं। इसी कारण उन्हें सर्वदेवेश्वर यानी सभी देवताओं का देवता कहा जाता है। 1. पालनहार और रक्षक भगवान विष्णु ब्रह्मांड के प्रत्येक जीव की रक्षा और पालन करते हैं। जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ा, तब-तब उन्होंने अवतार लेकर धर्म की रक्षा की। यही कारण है कि देवता भी विष्णु की शरण में आते हैं। 2. दस अवतारों की महिमा भगवान विष्णु के दस अवतार (दशावतार) संसार को धर्म के मार्ग पर लाने के लिए लिए गए। मत्स्य अवतार – पृथ्वी को प्रलय से बचाया। कूर्म अवतार – समुद्र मंथन में सहायता की। वराह अवतार – पृथ्वी को हिरण्याक्ष से मुक्त कराया। नरसिंह अवतार – भक्त प्रह्लाद की रक्षा की। वामन अवतार – राजा बलि का अहंकार दूर किया। परशुराम, राम, कृष्ण और बुद्ध अवतार – धर्म की स्थापना और अन्याय का अंत किया। कल्कि अवतार – भव...