11 साल बाद RBI ने डॉलर खरीदना क्यों रोका? जानिए इस बड़े फैसले
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने जुलाई 2025 में एक ऐसा फैसला लिया जिसने पूरे वित्तीय जगत को चौंका दिया — लगभग 11 साल बाद RBI ने अमेरिकी डॉलर की खरीद पूरी तरह रोक दी। अब सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसा क्यों किया गया? और इसका असर आम लोगों पर क्या होगा? 💹 क्या हुआ था? जुलाई 2025 में RBI ने नेट रूप से 2.54 बिलियन अमेरिकी डॉलर बेचे, जबकि उसने कोई डॉलर खरीदा नहीं। यह 2014 के बाद पहली बार हुआ जब RBI ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने की बजाय उसे स्थिर रखने का रास्ता चुना। इस कदम ने संकेत दिया कि RBI अब “डॉलर भंडार इकट्ठा करने” से ज़्यादा “रुपये की स्थिरता” पर ध्यान दे रहा है। 🔍 इसके पीछे कारण क्या हैं? 1. रुपये पर दबाव बढ़ना जुलाई में रुपये की कीमत डॉलर के मुकाबले करीब 2.23% तक गिरी। इस दौरान RBI को डर था कि ज़्यादा डॉलर खरीदने से रुपये पर और दबाव पड़ेगा। 2. विदेशी पूंजी का बाहर जाना (FPI Outflows) विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे थे, जिससे डॉलर की मांग और बढ़ी। 3. वैश्विक परिदृश्य अमेरिकी डॉलर इस समय मज़बूत है, और वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें ऊँची हैं — दोनों ही चीज़ें भारत जैसे आ...