भगवान हम पर कृपा क्यों नहीं करते?
अक्सर हमारे मन में यह प्रश्न उठता है — “मैं तो रोज़ पूजा करता हूँ, अच्छे कर्म करता हूँ, फिर भी भगवान मुझ पर कृपा क्यों नहीं करते?” यह सवाल हर उस इंसान के मन में आता है जो जीवन में संघर्षों से गुजर रहा होता है। लेकिन क्या सच में भगवान कृपा नहीं कर रहे? या हम कृपा को पहचान नहीं पा रहे? 🌿 1. कृपा हमेशा हमारे अनुसार नहीं होती हम अक्सर सोचते हैं कि कृपा का मतलब है — सब कुछ हमारे मन के अनुसार होना। पर भगवान का दृष्टिकोण हमसे कहीं बड़ा है। कभी-कभी जो चीज़ हमें दुख देती है, वही हमें मजबूत बनाती है। जो रास्ता कठिन लगता है, वही हमें हमारी मंज़िल तक पहुँचाता है। इसलिए कभी-कभी भगवान हमारी इच्छा नहीं, बल्कि हमारी भलाई के अनुसार कृपा करते हैं। 🔥 2. कर्म का नियम — भगवान न्याय करते हैं, अन्याय नहीं भगवान कृपालु हैं, लेकिन साथ ही न्यायप्रिय भी। हमारे कर्म ही हमारे जीवन की दिशा तय करते हैं। यदि हमने अतीत में कुछ गलत किया है, तो उसका फल हमें भुगतना ही होगा। भगवान उसे मिटाते नहीं, बल्कि हमें वह शक्ति देते हैं जिससे हम उस कर्मफल को सह सकें। यही उनकी कृपा का असली रूप है। 🌸 3. कभी-कभी मौन ही कृपा होती है ...