माँ लक्ष्मी धन और समृद्धि की देवी
हिंदू धर्म में माँ लक्ष्मी को धन, वैभव और सुख-समृद्धि की देवी माना जाता है। वे भगवान विष्णु की पत्नी और संसार के पालन-पोषण में सहयोगिनी हैं। माना जाता है कि जो घर स्वच्छ और सत्य मार्ग पर चलता है, वहाँ सदैव लक्ष्मी का वास होता है। माँ लक्ष्मी का स्वरूप माँ लक्ष्मी का स्वरूप बहुत ही तेजोमयी और सुंदर बताया गया है। वे कमल पर विराजमान रहती हैं। उनके चार हाथ होते हैं – एक हाथ से आशीर्वाद देती हैं। दूसरे से सोने के सिक्के बरसाती हैं। शेष दो हाथों में कमल धारण करती हैं। उनके साथ हाथी भी रहते हैं, जो शक्ति और समृद्धि का प्रतीक हैं। माँ लक्ष्मी की उत्पत्ति पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय माँ लक्ष्मी प्रकट हुई थीं। तभी से उन्हें समुद्रतनया कहा जाता है। भगवान विष्णु ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया और तभी से वे उनके साथ सदा विराजती हैं। अष्टलक्ष्मी – माँ लक्ष्मी के 8 स्वरूप माँ लक्ष्मी के आठ स्वरूपों को अष्टलक्ष्मी कहा जाता है। ये जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में सुख और सफलता प्रदान करती हैं। 1. आदि लक्ष्मी – अनंत शक्ति और ऊर्जा की देवी 2. धन लक्ष्मी – धन और ऐश्वर्य की दात...